कानपुर। शहर में मंगलवार को मात्र 6.4 मिमी प्री-मानसून बारिश ने नगर निगम की नाला-नाली सफाई और सीएम ग्रिड योजना की तैयारियों की पूरी हकीकत सामने ला दी। शहर के पॉश इलाकों से लेकर दक्षिण तक के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। इससे सड़कें तालाब बन गईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। नौबस्ता, कर्रही, जरौली फेज एक, खाड़ेपुर, पनकी, सर्वोदयनगर और कल्याणपुर-बगिया क्रॉसिंग जैसे इलाकों के साथ-साथ सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कों पर जलभराव हुआ। नगर निगम ने इस बार नाला सफाई पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए हैं और दावा किया है कि 256 बड़े नालों में 90 से 95 प्रतिशत तक सफाई कर ली गई है जबकि 1485 छोटे नालों में से अधिकांश की सफाई पूरी बताई जा रही है। इसके बावजूद बारिश के पहले ही दिन कई नाले ओवरफ्लो हो गए और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। कई जगह निकासी व्यवस्था ठप हो गई, जिससे लोग घंटों जलभराव में फंसे रहे। सबसे ज्यादा असर सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में दिखा। किदवईनगर, कर्रही, जरौली और नौबस्ता में अधूरी खुदाई, खुले गड्ढे और बंद पड़े ड्रेनेज सिस्टम से क्षेत्र के लोगों को कीचड़ और जलभराव का सामना करना पड़ा। कई जगह घरों और दुकानों में पानी घुस गया जबकि लोग मजबूरी में पटरी और अस्थायी रास्तों से निकलने को विवश रहे।