सिकटिया गांव में पिछले चार वर्षों के भीतर एक ही परिवार के पिता और पांच बेटों की संदिग्ध परिस्थितियों व बीमारी में मौत हो गई है। इस भीषण त्रासदी ने परिवार को आर्थिक तंगी की कगार पर ला खड़ा किया है, जहां अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को चंदा जुटाना पड़ा।