कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित पुरवामीर गांव में चाचा-चाची की क्रूरता का शिकार बने चार अनाथ बच्चों के मामले में जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर महिला एवं बाल कल्याण मिशन तथा चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम गांव पहुंची और बच्चों की स्थिति का जायजा लेते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने गांव पहुंचकर चारों बच्चों से मुलाकात की, उनकी परिस्थितियों को समझा और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित किए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिल सके। साथ ही समय-समय पर उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी। चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने बच्चों के लिए फल, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था कर उन्हें भावनात्मक सहारा देने का प्रयास किया। अधिकारियों ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि अब उनकी सुरक्षा और देखभाल प्रशासन की प्राथमिकता होगी।