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कानपुर: किसानों और चकबंदी अधिकारियों के बीच कई घंटे चली बैठक, नतीजा शून्य

नरवल तहसील के नजफगढ़ बिपौसी गांव में चकबंदी को लेकर किसानों का गुस्सा बुधवार को खुलकर सामने आया। बीते मंगलवार को आधा सैकड़ा से अधिक किसान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के कार्यालय पहुंचे थे और ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि उनके चकों की नाप लेखपाल और कानूनगो द्वारा बिना जानकारी के की जा रही है। किसानों ने यह भी कहा कि चकबंदी में खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है और जिन किसानों से धन नहीं लिया जा रहा उनके चक जंगल की ओर फेंक दिए जा रहे हैं। सतीश महाना के निर्देश पर एसओसी, सीओ और चकबंदी अधिकारी बुधवार को गांव पहुंचे जहां पहले से मौजूद सैकड़ों किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। कई घंटे चली बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला और हंगामे के बीच अधिकारी चुपचाप बैठक से उठकर चले गए। किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि पहले नाप होगी फिर चक निर्धारण होगा, लेकिन उनका डर है कि नाप के बाद उनकी कोई नहीं सुनेगा। किसानों ने साफ कहा कि जब तक सही समाधान नहीं निकलेगा तब तक वे नाप नहीं होने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द हल नहीं निकला तो वे दोबारा विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। चकबंदी एसओसी मो. असलम ने बताया कि किसानों की शिकायत पर आकर जांच की जा रही है उनकी समस्याओं को सुना है जो भी आरोप है उनकी जांच कराएंगे और किसानों को संतुष्ट करके आगे नाप कराई जाएगी।

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