कानपुर उद्योग व्यापार मंडल उत्तर जिला इकाई के चुनाव में सोमवार को अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष समेत सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया। सुनील बजाज लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बने। इसी तरह कृपाशंकर त्रिवेदी भी लगातार दूसरी बार महामंत्री निर्वाचित घोषित किए गए है। दो फार्म हुए निरस्त किए गए। जबकि पांच पदों पर नाम वापस हुए। 24 सदस्यीय कार्यकारिणी तीन साल के लिए चुनी गई है। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को माला पहनाकर खुशी जताई गई। ढोल-ताशे बजाए गए और मिठाई बांटी गई। वहीं एक प्रत्याशी ने नामांकन पत्र वापस लेने के दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। 24 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 31 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। रविवार को नामांकन पत्रों की जांच होनी थी लेकिन वो भी सोमवार को किया गया। इसी दिन नाम वापसी भी थी। मुख्य चुनाव अधिकारी रामेश्वर गुप्ता ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए सुनील बजाज, धीरेंद्र गुप्ता का नामांकन था। लेकिन धीरेंद्र के नामांकन पत्र हस्ताक्षर न होने के कारण निरस्त कर दिया गया। इसी तरह उन्होंने कोषाध्यक्ष पद के लिए भी नामांकन कराया था। जो उन्होंने वापस ले लिया। एक प्रत्याशी दो पदों पर चुनाव नहीं लड़ सकता। महामंत्री पद के लिए कृपाशंकर त्रिवेदी, आलोक मेहरोत्रा ने नामांकन कराया था। आलोक ने नामांकन वापस ले लिया। इस तरह से अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद निर्विरोध निर्वाचन हो गया। प्रदीप गुप्ता कोषाध्यक्ष चुने गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए उमेश अग्रवाल, संजय त्रिवेदी, बालकृष्णा गुप्ता ने नामांकन कराया था। इसमें से संजय त्रिवेदी ने नाम वापस ले लिया। उपाध्यक्ष पद पर मोहन लाल शुक्ला, शरद गुप्ता टोनी, प्रेम चंद्र शुक्ला, सुरेश गुप्ता, संतोष कुमार दीक्षित, विराट गुप्ता, मुकेश भाटिया, सीताराम गुप्ता, मोहम्मद कामिल अंसारी ने नामांकन कराया था। मुकेश भाटिया, सीताराम गुप्ता ने नाम वापस ले लिया। इसके चलते इन पदों पर भी निर्विरोध निर्वाचन हो गया। वरिष्ठ मंत्री पद के लिए सतीश तिवारी, अनिल कुमार मिश्रा, पंकज अग्रवाल, मंत्री पद संतोष शर्मा, दिनेश दीक्षित, राजेश गुप्ता, रोशन गुप्ता, प्रमोद पांडेय, रामकुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, प्रचार मंत्री के लिए हेमंत मिश्रा, संगठन मंत्री के लिए संतोष ओमर, अंकित जायसवाल ने नामांकन कराया है। इनमें भी पदों के अनुसार प्रत्याशी होने पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इस मौके पर चुनाव अधिकारी चंद्र प्रकाश सोमानी, सरताज अहमद, देवी प्रसाद खन्ना आदि थे। वहीं प्रत्याशी धीरेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि रविवार को पत्रों की जांच की जानी थी लेकिन वो सोमवार को की गई। दोनों नामांकनों में हस्ताक्षर नहीं थे। एक निरस्त हो गया और एक में उन्होंने नाम वापस ले लिया। दोपहर से ही उनके ऊपर नाम वापसी का दबाव बनाया जाने लगा था। हस्ताक्षर नहीं थे तो बताया जाना चाहिए थे। वहीं मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना है नियमों के तहत ही नामांकन निरस्त किया गया है। आरोप बेबुनियाद हैं।