आयकर कर्मचारी महासंघ एवं आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सर्किल की संयुक्त संघर्ष समिति और केंद्रीय संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आयकर अफसरों-कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के चैंबर के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों-अफसरों ने कहा कि 27 अप्रैल से कोई स्टेटमेंट नहीं भेजा जाएगा। विभागीय आउटरीच कार्यक्रमों में कर्मचारी-अफसर भाग नहीं लेंगे। 4 मई धरना दिया जाएगा। 7 मई को वाकआउट होगा। और 13 मई को हड़ताल की जाएगी। आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के महासचिव राघवेंद्र सिंह और आयकर कर्मचारी महासंघ के महासचिव सुनील कुमार ने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी कैडर रिव्यू एवं पुनर्गठन प्रक्रिया को तत्काल अंतिम रूप देने की मांग कर रहे हैं। 2014 बैच और उसके बाद के पीआर आईआरएस अधिकारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। आयकर अधिकारियों के लिए एक जनवरी 2014 से ऑल इंडिया इंटर से वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिया जाए। भारतीय राजस्व सेवा के भर्ती नियमों में संशोधन हो। निरीक्षक, कार्यालय अधीक्षक, कर सहायक के पदों के भर्ती नियमों में बदलाव किए जाएं। इंटर चार्ज ट्रांसफर नीति को पुनः लागू किया जाए। सेवा संबंधी न्यायिक निर्णयों का लाभ समान परिस्थितियों वाले कर्मचारियों को दिया जाए। नव प्रोन्नत आयकर अधिकारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं। इस मौके पर एसके वर्मा, बृजेश कुमार, शरद प्रकाश अग्रवाल, शांति भूषण मिश्रा, शिवेंदु श्रीवास्तव, पंकज यादव, मुकेश कुमार, बृजेश बाजपेई, अनिल चौधरी, शिव कुमार, वैभव सचान, रजत सिंह, रवि कुमार, शिवम पाल, केके शुक्ल, राजेश तिवारी, प्रवीण बाजपेयी, अनुराग बाजपेई, अमित पटेल, शैलेंद्र भारतीय, विवेक दीक्षित, तन्मय त्रिपाठी, दीपंकर चौरसिया आदि थे।