कानपुर के ऐतिहासिक गंगा मेला पर परंपरानुसार हटिया के रज्जनबाबू पार्क से रंगों ठेला निकला और लोगों ने जी भर के रंग खेला। रंगों का ठेला जैसे ही बिरहाना रोड पहुंचा, तो लोगों की उत्साह जबरदस्त था। हटिया मेला आयोजन समिति के अनुसार, महानगर में होली की यह परंपरा आजादी से पहले 1942 से चली आ रही है।