नरवल कस्बे में 1942 से संचालित भास्करानंद इंटर कॉलेज की इमारत अब जर्जर हो चुकी है जिसकी मरम्मत के लिए कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है नतीजा ये है कि जर्जर भवन में ही बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है। नरवल कस्बे में स्थित भास्करानंद इंटर कॉलेज की स्थापना सन् 1942 में हुई थी तब क्षेत्र का एक मात्र शिक्षण संस्थान यही था जहां पढ़कर हजारों छात्र आज कई बड़ी जगहों पर तैनात है वहीं विद्यालय जो कभी क्षेत्र की शान हुआ करता था आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है और कोई भी जिम्मेदार ध्यान देने वाला नहीं है। जर्जर भवन और टपकती छतों के नीचे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है।