बिठूर दर्शन करने आए, तो वाल्मीकि आश्रम स्थित स्वर्ग सीढ़ी जिसे दीपमालिका स्तंभी भी कहते है जरुर देखें। बाजीराव पेशवा ने इसका इसका निर्माण करवाया था। इसके कुल 365 छोटी-छोटी खिड़कियां है। इसकी ऊंचाई पर पहुंचने के लिए सात चक्कर लगते हैं, जिन्हें सात परिक्रमा माना जाता है। सात चक्कर लगने और इसमें दीपक जलाने से पुण्य मिलता है और माना जाता है कि ऐसा करने वाले को स्वर्ग मिलता है। इसीलिए इसे स्वर्ग सीढ़ी कहते है।