आराधना तिवारी ने अपनी मेहनत और लगन से कुल चार पदक अपने नाम किए हैं। उन्होंने बैंक से वीआरएस लेने के बाद पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया और हींग वाला स्वर्ण पदक, बैरिस्टर नरेंद्र जी सिंह स्वर्ण पदक, सुशील नरेंद्रजीत सिंह स्वर्ण पदक और कुलाधिपति कांस्य पदक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि ने साबित किया कि उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।