कानपुर में भाजपा नेता को झूठे मुकदमे में फंसाकर रंगदारी मांगने और धमकाने के मामले में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे और आयुष उर्फ लवी मिश्रा पर विवेचक ने सबूतों के आधार पर दो और धाराएं बढ़ाई थीं। इन धाराओं में दोनों की न्यायिक हिरासत सीजेएम कोर्ट ने मंजूर कर ली है। वहीं, कोतवाली में अधिवक्ता की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी वसूलने से संबंधित मुकदमे में भी अखिलेश दुबे की न्यायिक हिरासत मंजूर हो गई है।