नशे की लत के चलते जहां युवाओं का दम फूलने लगता है। वहीं, राजेंद्र (80) आज की पीढ़ी के लिए सबब बने हुए हैं। बृद्ध राजेंद्र आज भी 15-15 किलोग्राम के मुदगरों (लकड़ी के गदा) को हाथों में लेकर सुबह शाम प्रैक्टिस करते हैं। बृद्ध राजेंद्र बताते हैं कभी भी कोई नशा नहीं किया है। अगर नशा कर है, तो घी खाने दूध पीने का।