बिठूर कटरी और ख्योरा कटरी के दर्जनभर से अधिक गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। हालांकि आज पानी में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद खराब है। लोग अपनी गृहस्थी मंधना गंगा बैराज पर टेंट में रखकर वहां आश्रय ले रहे हैं। प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं की ओर से गंगा बैराज मार्ग पर बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा लगाई गई नावें पर्याप्त नहीं हैं और उन्हें और नावों की व्यवस्था की जानी चाहिए।