कानपुर के हैलट अस्पताल में एक एक्सीडेंट में घायल नंदिनी को लेकर उसके परिजन बेड न मिलने के कारण दर-दर भटकने को मजबूर हो गए। बच्ची के पिता, शिवम गुप्ता, ने अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है। शिवम गुप्ता ने बताया कि उनकी बेटी नंदिनी का एक्सीडेंट हो गया था और वह 17 दिनों तक अस्पताल में भर्ती थी। उसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई और एक हफ्ते बाद आने को कहा गया। जब वे आज ओपीडी में दिखाने आए, तो उन्हें 18 नंबर वार्ड में भेजा गया, जहां यह कहकर भर्ती लेने से मना कर दिया गया कि बेड खाली नहीं है। वहां से उन्हें न्यूरो विभाग भेजा गया, लेकिन वहां भी भर्ती नहीं किया गया और उन्हें इमरजेंसी में जाने को कहा गया, जहां भी बेड खाली नहीं था।