चौमास माह में 31 अगस्त से चल रहे पूर्वा नक्षत्र के चलते मौसम में पुरवैया का रुख दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को खिली धूप के बीच झमाझम बारिश हुई। मौसमी कवि घाघ की कहावत "जब पुरवा पुरवाई पावै, झूरी नदिया नाव चलावै" के मुताबिक बुजुर्गों का कहना है कि पुरवैया चलने से खेत-खलिहान जलमग्न होकर नाव चलाने योग्य हो जाते हैं।