भीतरगांव क्षेत्र में होलिका दहन पर सोमवार की आधी रात भक्ति और परंपरा के रंग देखने को मिले। आधी रात शुभ-मुहुर्त में विधि-विधान से पूजन के बाद होलिका में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। जैसे ही होलिका की लपटें उठीं, ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गन्ना, चना और गेहूं की बालियों को पवित्र अग्नि में भूना। इन भुनी हुई बालियों को प्रसाद के रूप में ग्रहण करने और होलिका दहन की अग्नि को घर ले जाने की परंपरा निभाई गई।