भगवान के सच्चे भक्तों में सबसे अग्रणी हनुमान को अंतःमन से सुमिरन करने से आने वाले संकट भी टल जाते हैं। भगवान श्रीराम भी संकट आने पर भक्त हनुमान जी को याद करते थे। ये बातें ब्रह्मचारी अवधेश्वरदास जी महराज ने कस्बा भीतरगांव स्थित महावीर हनुमान मंदिर प्रागंण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन के दौरान कहीं।