नरवल तहसील क्षेत्र के 48 वर्षीय दयाराम कोरी 2002 से लेकर अब तक चार बीघा पैतृक जमीन में हिस्सा पाने के लिए खुद को कागजों में बालिग साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि, तहसीलदार की तैनाती न होने के कारण उनकी संशोधन फाइल तीन वर्षों से अटकी पड़ी है।