कानपुर आईआईटी के सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि के दूसरे दिन अक्षर द्वारा फिल्मी सितारों से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फिल्म अभिनेत्री मेघना, निदेशक सुहैल ततारी, अतुल तिवार, थियेटर आर्टिस्ट तरुण शुक्ला और एंकर की भूमिका में आनंद कक्कड़ ने हिस्सा लिया। अतुल तिवारी ने फिल्मों पर सेंसर लगाने पर ऐतराज जताया, कहा फिल्म बनते ही निर्देशक सवालों के घेरे में आ जाता है। साहित्य को समाज संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब साहित्य में लोग मनोरंजन खोज रहे हैं, वहीं फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती थीं लेकिन अब सामाजिक सरोकार की जिम्मेदारी थोपकर फिल्मों को समाज संभालने की जिम्मेदारी दी जा रही है।