हैलट जच्चा-बच्चा अस्पताल में धड़कन की गति धीमी होने पर गर्भवती महिला के पेसमेकर लगाकर सर्जरी से प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई गई। महिला को चक्कर आया और अचानक बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में परिजन महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि रोगी की धड़कन धीमी 40 हो गई है। उसके ह्रदय की विद्युत प्रणाली बाधित हो रही थी, जिससे रोगी को हार्ट फेल हो सकता या जान भी जा सकती थी और बच्चे पर भी दुष्प्रभाव पड़ सकता था। रोगी को प्रोफेसर डॉ. शैली अग्रवाल की देखरेख में भर्ती कराया गया।