गोपीनाथपुरम में नगर पालिका की लगभग 12 बीघा जमीन पर कुछ लोगों के कब्जाकर निर्माण कराने से गुस्साए सभासदों ने बुधवार को पालिका कार्यालय के सामने राजधानी मार्ग पर धरना- प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। सभासदों का यह धरना-प्रदर्शन करीब सवा घंटे तक चला। इस बीच समझाबुझाने पहुंची पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार यशवंत सिंह ने सभी से न्यायालय जाकर अपनी बात रखने के लिए कहा। इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। सभासदों के धरना प्रदर्शन की वजह से राजधानी मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने काफी मशक्क्त के बाद यातायात बहाल कराया। सभासद संजय जायसवाल, योगेश मिश्रा, अशोक सविता, चंद्रपाल, विकास राजपूत, नंद कुमार व अतुल अग्निहोत्री समेत कई सभासदों ने पालिकाध्यक्ष और ईओ को पत्र देकर बताया कि गोपीनाथपुरम स्थित जमीन नगर पालिका की है। इस पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद पालिका ईओ मुकेश कुमार मिश्रा को लेकर सभासद गोपीनाथपुरम पहुंचे और अवैध निर्माण रुकवाने की मांग उठाई। लेकिन मौके पर मौजूद दूसरे पक्ष ने जमीन के सभी दस्तावेज दिखाए। इसके बाद सभी वापस चले गए। कुछ देर बाद सभासदों के एक गुट ने नगर पालिका के सामने राजमार्ग पर धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे शुक्लागंज से उन्नाव की ओर जाने वाला मार्ग अवरूद्ध हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार सिंह और चौकी इंचार्ज बिंदानगर रवि शंकर पांडेय धरना खत्म कराने पहुंचे तो सभासदों से उनकी नोकझोंक हुई। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार यशवंत सिंह पहुंचे और सभासदों को समझा कर न्यायालय जाकर अपनी बात रखने को कहा। इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। उधर, नायब तहसीलदार यशवंत सिंह ने बताया कि गोपीनाथपुरम की करीब 12 बीघा जमीन पर राजस्व परिषद लखनऊ अपना फैसला 25 जून को गोपीनाथपुरम निवासी राहुल तिवारी व चंदा तिवारी के पक्ष में सुना चुका है। पालिका ईओ और सभासद किस आधार पर निर्माण स्थल पर पहुंचे, इसकी जांच कर रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपी जाएगी।