मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने विकासखंड पतारा के चार प्राथमिक विद्यालयों और दो अमृत सरोवरों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां मिलीं। एक स्कूल में दो वर्ष से बच्चों को दूध और फल नसीब नहीं हुआ। तीन स्कूलों के शौचालय गंदे और पानी की टंकियां क्षतिग्रस्त मिलीं। एक विद्यालय में शिक्षामित्र बीएलओ ड्यूटी का हवाला देकर अनुपस्थित थीं, जबकि दूसरे विद्यालय के प्रधानाचार्य ने पढ़ाने के लिए खुद को कोई विषय आवंटित नहीं किया था। प्राथमिक स्कूलों में मिलीं खामियां देख सीडीओ जमकर नाराज हुए। उन्होनें बीएसए से जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पतारा के कंपोजिट विद्यालय रायपुर में पोर्टल पर 10 शिक्षकों और तीन शिक्षामित्रों की तैनाती दिखी, जबकि मौके पर सिर्फ आठ शिक्षक और तीन शिक्षामित्र ही मिले। शौचालय में ताला लगा हुआ और पानी की टंकी क्षतिग्रस्त पाई गई। बच्चों का शैक्षणिक स्तर सामान्य से कम मिलने पर प्रधानाचार्य से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। कंपोजिट विद्यालय छांजा में प्रधानाचार्य ने स्वयं किसी भी विषय को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं ली थी। शौचालय गंदा और बदहाल नजर आया। सीडीओ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण लेने और इस वर्ष विद्यालय को निपुण विद्यालय बनाने के निर्देश दिए। सबसे गंभीर स्थिति प्राथमिक विद्यालय सराय की मिली। यहां छात्रों का नामांकन बेहद कम पाया गया। प्रधानाचार्य कोई स्पष्ट वजह नहीं बता सके। शौचालय में गंदगी और पानी की टंकी टूटी मिली। यहां बच्चों को पिछले दो वर्षों से फल और दूध का वितरण ही नहीं हुआ था। इस लापरवाही पर सीडीओ ने ग्राम प्रधान और प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र सराय में निरीक्षण के दौरान पोषाहार का वितरण होता मिला। जिला कार्यक्रम अधिकारी को अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। कंपोजिट विद्यालय पड़री में एक शिक्षामित्र बीएलओ ड्यूटी अंकित कर अनुपस्थित मिलीं, जिस पर उनका वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।