साकेत नवयुवक मंडल की ओर से साकेतनगर के मनकामनेश्वर मंदिर रामलीला मैदान में विजयादशमी महोत्सव के दाैरान लक्ष्मण-परशुराम संवाद सुन दर्शक सुबह तक डटे रहे। लक्ष्मण और परशुराम के तर्क पूर्ण संवाद सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध होते रहे। संवादों की यह लीला सुबह 10 बजे तक चली। रामलीला में भगवान श्रीराम के धनुष तोड़ने के बाद परशुराम क्रोधित होकर जनक के दरबार में पहुंचे। वह शिव धनुष को टूटा देख क्रोधित हो गए। उन्होंने श्रीराम को ललकारते हुए उनके पराक्रम पर संदेह जताया। इसी बीच लक्ष्मण ने परशुराम से अत्यंत साहसपूर्ण और व्यंग्यात्मक शैली में संवाद किया।