गणेश महोत्सव पर बुधवार को जगह-जगह पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की धूम रही। गाजे-बाजे के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालुओं ने विसर्जन यात्रा निकाली। मुख्य मार्गों से होते हुए गगनीखेड़ झील पहुंचे। वहां गणपति बप्पा मोरिया अगल बरस तू जल्दी आना... का आह्लान करते हुए प्रतिमाओं के विसर्जित किया। बुधवार को सुबह से शाम तक करीब 20 से अधिक प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।