भीतरगांव ब्लॉक के बेहटा बुजुर्ग गांव में हाल ही में हुए पंचायत पुनरीक्षण के बाद एक बेहद अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। सरकारी सर्वे की 'जादुई' कलम ने गांव के सैकड़ों जीवित ग्रामीणों को कागजों में 'विलुप्त' (गायब) घोषित कर दिया है। ग्रामीणों को जब पता चला कि वे सरकारी रिकॉर्ड में 'अदृश्य' हो चुके हैं, तो गांव में खलबली मच गई। अपनी ही हस्ती को बचाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण नरवल तहसील पहुंचे और एसडीएम से इस 'अजीब' लापरवाही की शिकायत की है।