चिड़ियाघर से बुधवार देर रात 15 महीने की मादा गैंड़ा गौरी विदा कर दी गई। उसके जाने के बाद बाड़े के कीपर संतोष व रोहन रात भर चैन से सो नहीं सके। वहीं, बीट प्रभारी शाहदाब भी गाैरी के जाने से बेचैन रहे। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों और रेंजर नवेद इकराम को भी उसके जाने का मलाल रहा। दरअसल जन्म लेने के 10 दिन बाद ही गाैरी ने मां को खो दिया था। सभी ने उसकी एक बच्चे की तरह परवरिश की थी।