कभी सख्त छवि वाले पुलिस अधिकारी रहे डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला ने अपने खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच और आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी है। शुक्ला ने कहा कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, “मेरा और वकील अखिलेश दुबे का रिश्ता सिर्फ़ पुलिस और कानून से जुड़ा हुआ था। मैं उनसे कानूनी सलाह लेने जाया करता था, इसके अलावा कोई व्यक्तिगत या व्यावसायिक संबंध नहीं था।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आर नगर में जिस दुकान को उनकी संपत्ति बताया जा रहा है, वह वास्तव में उनके एक दोस्त की है, उनका उससे कोई आर्थिक या स्वामित्व संबंध नहीं है।
शुक्ला ने यह भी कहा कि अखिलेश दुबे और उनके बेटे के साथ कंपनी बनाए जाने की जो खबरें मीडिया में आ रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। “मैंने ऐसा कोई व्यापारिक उपक्रम उनके साथ शुरू नहीं किया। यह सब झूठ फैलाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है,” उन्होंने कहा।
अपने बचाव में शुक्ला ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने करियर के दौरान कई खतरनाक अपराधियों का एनकाउंटर किया है, और अब वही लोग या उनके समर्थक अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कानपुर में मेहरबान सिंह की जमीन विवाद के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। शुक्ला ने कहा, “मेरे खिलाफ जो शुक्ला परिवार जमीन का दावा कर रहा है, उसका संबंध सूर्य प्रकाश शुक्ला से है, जो अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है। मेरा उस परिवार या उसकी किसी संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है।”
उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके और उनके ऊपर लगे झूठे आरोपों से उन्हें न्याय मिल सके।