तिरंगा तिराहे के पास बनने वाले सार्वजनिक शौचालय के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोग भी उतर आए हैं। एसडीएम को संबोधित ज्ञापन स्टेनो को सौंपते हुए वाल्मीकि समाज के श्मशान घाट की जमीन होने का दावा करते हुए निर्माण रुकवाए जाने की मांग की। निर्माण न रुकने पर अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। वाल्मीकि समाज के दिवारी लाल ने बताया कि तिरंगा तिराहे के पास जिस जमीन पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण प्रस्तावित है, उस पर कई दशक पहले से अपने पूर्वजों को दफन करते चले आ रहे हैं। राजस्व अभिलेखों में भी यह जमीन श्मशान घाट में दर्ज है। वर्ष 2014 में इस जमीन के पास से होकर पक्के नाले का निर्माण कराया गया था, तब समाज के लोगों ने कई दिनों तक अनशन किया था। तत्कालीन ईओ ने आश्वासन दिया था नाला निर्माण के अलावा श्मशान घाट की जमीन के सामने पक्का निर्माण नहीं कराया जाएगा।