रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनाना है। नए-नए शोध से ही यह संभव हो सकेगा। उन्नत बीजों को कम समय में किसानों तक पहुंचाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने का काम जारी है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह दीक्षा का अंत नहीं है। बल्कि यह जीवन की नई शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक सम्मान प्राप्त कर रहा है। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संस्कार से देश और अपनी संस्था का नाम रोशन करें। बोले कि आज भारत किसी भी देश पर खाद्यान्न के लिए निर्भर नहीं है। इसका श्रेय कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को जाता है। उन्होंने पोषणयुक्त भारत की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादन के साथ गुणवत्ता और पोषण भी उतना जरूरी है। बोले कि आज भारत गेहूं निर्यात कर रहा है। चावल के उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ भारत दुनिया में नंबर एक पर पहुंच चुका है। शिवराज ने कहा कि शोध को लैब से जमीन तक पहुंचाने का काम जारी है। बुंदेलखंड की धरती दलहन क्रांति का केंद्र बन सकती है। कृषि का विविधीकरण करना है।