हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में जनपद में टॉप-10 स्थान हासिल करने वाले 21 मेधावियों को सोमवार को कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अफसरों ने सम्मानित किया। मेधावियों को अमर उजाला की ओर से भी मेडल और प्रशस्ति पत्र दिए गए, इससे छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल गए। समारोह में शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी ने कहा कि जो शिक्षा चाहता है, उसे सुख से दूर रहना चाहिए। शिक्षा से बढ़कर और कुछ भी नहीं है। जीवन में कभी भी नकारात्मक विचार न लाएं। अगर परिस्थिति विपरीत भी हो तो सकारात्मक दृष्टिकोण से हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी खुद के अंदर कौशल का विकास करें। किसी भी काम को बीच में न छोड़ें, बल्कि जब तक मंजिल न मिले बगैर रुके प्रयास करते रहें। सफलता निश्चित कदम चूमेगी। एमएलसी रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि जीवन में कभी एक वाक्य से भी बड़ा बदलाव आ सकता है। सुझाव दिया कि इस तरह के कार्यक्रम में जब भी आएं तो नोटपैड लेकर आएं। सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि इस अब चुनौती के इस मुकाम पर खड़े रहना और बनाए रखना भी एक चुनौती है। कहा कि डिग्री न हो तो भी कौशल सफलता दिलाता है। इसलिए मन, तन दोनों स्वस्थ होते हैं तो कार्यक्षमता भी बढ़ती है। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं।