वाहन दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों का कम करने का सबसे सरल जरिया हेलमेट ही है। इसके बावजूद, लोग इसे पहनने से कतराते हैं। हालांकि, अब सरकार की ओर से अनिवार्य कर दिया गया है कि दोपहिया वाहन खरीदते समय दो हेलमेट अनिवार्य रूप से खरीदने होंगे। यानि कि अब दोपहिया पर पीछे बैठने वाले को भी अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। इस विषय पर रविवार को अमर उजाला की ओर से संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, शिक्षक, विद्यार्थी, व्यापारी, सिविल डिफेंस के प्रतिनिधियों के साथ प्रबुद्ध वर्ग के अन्य लोग शामिल हुए। संवाद में परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि सख्ती के बाद भी तमाम लोग हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। लेकिन, अब इसके लिए महिलाओं और बच्चों को आगे आना चाहिए। ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाते हुए उन्हें घर से निकलते समय परिजनों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यातायात उप निरीक्षक शशिकांत यादव ने कहा कि जो अपने परिवार की चिंता करते हैं, उन्हें हेलमेट जरूर पहनना चाहिए। सड़क पर जीवन रक्षा का यह बेहद सरल उपाय है। रेल कारखाने के सेफ्टी ऑफिसर हरीशंकर यादव ने कहा कि हेलमेट मुकुट के समान है। अपने जीवन की रक्षा के लिए यह अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। बिपिन बिहारी महाविद्यालय के प्राचार्य टीके शर्मा ने कहा कि सड़क पर मित्रवत चलना चाहिए। दूसरे वाहनों से आगे निकलने की होड़ कतई नहीं करनी चाहिए। यह दुर्घटना का कारण बन सकती है। रक्सा टोल प्लाजा के प्रोजेक्ट हेड रंजय सिंह ने कहा कि हाईवे पर भी लोग बेपरवाह नजर आते हैं। जबकि, हाईवे पर हर समय सतर्क रहते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे उपाय अपनाने चाहिए। छात्र सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा कि तमाम युवा केवल इसलिए ही हेलमेट नहीं पहनते हैं कि उनके बाल खराब हो जाएंगे। वे ये भूल जाते हैं कि जब जीवन ही नहीं रहेगा तो बाल कहां से आएंगे। व्यापार मंडल के जयकिशन प्रेमानी ने कहा कि तमाम लोग पुलिस को देखकर हेलमेट लगा लेते हैं और बाद में उतार देते हैं। जबकि, हेलमेट लगाना लोगों को अपनों के लिए किया गया कर्तव्य समझना चाहिए। अधिवक्ता विजय तिवारी ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को खुद जागरूक होना होगा। अपने और अपनों के लिए लोगों को यह कर्तव्य निभाना चाहिए। ट्रैफिक चीफ वार्डन प्रगति शर्मा ने कहा कि हेलमेट को लेकर लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। धार्मिक मंचों से भी लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। ट्रैफिक वार्डन दीपशिखा शर्मा ने कहा कि सभी वाहन चालकों के सिर पर हेलमेट नजर आएं, यह काम एक दिन में तो नहीं होगा, परंतु एक दिन जरूर होगा।