कभी हाथरस का घी अपनी गुणवत्ता और शुद्धता के लिए देशभर में प्रसिद्ध था। गांवों से आने वाले कच्चे घी को शहर की इकाइयों में तैयार कर देश के कई हिस्सों तक पहुंचाया जाता था, लेकिन स्थानीय इकाइयों के बंद होने और बड़े ब्रांडों की बढ़ती पकड़ ने इस पुराने कारोबार की चमक छीन ली है।