मुक्तिधाम के रूप में विख्यात ब्रजघाट गंगानगरी को प्रदेश की योगी सरकार मिनी हरिद्वार के रूप में विकसित करने को लेकर विभिन्न योजना चल रही है। परंतु इसके बाद भी नगर पालिका परिषद अपने दायित्व की पूर्ति करने की बजाय जनहित की खुलेआम अनदेखी करने से बाहर जाने को तैयार नहीं है। इसी के चलते गंगा मैया के किनारे रहकर भी लोगों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना मजबूरी बनी हुई है। आवागमन से जुड़े मुख्य रास्ते पर लगा वाटर कूलर काफी दिन से खराब पड़ा हुआ है, जिससे कई प्रान्तों के श्रद्धालुओं समेत स्थानीय लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। मजबूरी में हैंडपंपों के इस पानी को पीना पड़ रहा है, जिस चिकित्सक सेहत के लिए घटक और बीमारियों के लिए न्यौता बता रहे हैं।