“स्वयं को हस्ती का अभिमान व्यर्थ, क्षण में हस्ती अस्थि मात्र रह जाती है“ यह संदेश रविवार को गंगा तट पर श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर समूह के प्रमाध्यक्ष स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने “अनजान मृतकों की अस्थियों को गंगा विसर्जन“ कराने के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि मानव को हमेशा परमार्थ के कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए।