गोंडा शहर के राजेंद्र नगर आंशिक में रविवार की दोपहर बड़ा हादसा हो गया। राधा कुंड के पास स्थित एक पुराना दो मंजिला मकान गिराते समय अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छत गिरने से घर में मौजूद चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग चीख-पुकार करते हुए मौके पर दौड़ पड़े। एक मजदूर की मौत हो गई है। सूचना पाकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भीड़ ज्यादा होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आई जिसके बाद पुलिस ने दूसरे गेट का ताला तोड़कर मकान में प्रवेश किया। स्थानीय लोगों की मदद से चारों को बाहर निकाला गया। मलबे में दबे लोगों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है। हादसे की खबर लगते ही आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल भी राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम भी सक्रिय हो गई है। अधिकारियों ने मलबा हटवाकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कहीं और लोग दबे न हों। फिलहाल मृतक और घायलों की पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा। आसपास के लोगों ने बताया कि मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। बारिश के चलते दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं, जिससे यह हादसा हुआ। जोर का धमाका सुनकर दौड़े लोग... प्रत्यक्षदर्शी पप्पू ने बताया कि अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई। हम लोग बाहर भागे तो देखा कि पूरा मकान मलबे में तब्दील हो चुका था। चारों तरफ धूल ही धूल छा गई। लोग चीख-पुकार मचाते हुए मदद के लिए दौड़े। वहीं, मोहल्ले की सरोज ने कहा कि छत गिरने के बाद बच्चे और महिलाएं बुरी तरह डर गए। पुलिस के पहुंचने पर ही लोगों को थोड़ी राहत मिली। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने एहतियातन आसपास के मकानों की जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि वे जर्जर मकानों में रहने से बचें।