गोंडा के पारंपरिक कारीगरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत निशुल्क प्रशिक्षण और उपकरण दिए जाएंगे। इसके लिए पात्र लाभार्थियों से आवेदन मांगा गया है। उपायुक्त उद्योग बाबूराम ने बताया कि यह योजना वर्ष 2018-19 से संचालित है। इसका उद्देश्य कारीगरों को सशक्त बनाना है। योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद संबंधित व्यवसाय से जुड़े उन्नत उपकरण किट भी मुफ्त मिलती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाई, सोनार, लोहार, कुम्हार, बढ़ई, दर्जी, राजमिस्त्री, हलवाई, धोबी, मोची और टोकरी बुनकर व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक कारीगर विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए उपायुक्त उद्योग कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को जनपद का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदन की तिथि तक उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक को संबंधित व्यवसाय में पारंपरिक कारीगर या दस्तकारी से जुड़ा होना चाहिए। परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। यदि आवेदक जाति से भिन्न है, तो उसे ग्राम प्रधान या नगर पंचायत व नगर पालिका अध्यक्ष से कार्य का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रमाण-पत्र के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा।