गोंडा में करनैलगंज क्षेत्र के चकरौत गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं ने अपनी बात बेबाकी से रखी। उनका कहना था कि सरकार की ओर से उन्हें चाक तो मिल गया है, लेकिन मिट्टी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यदि मिट्टी की व्यवस्था भी हो जाए तो उनका काम बेहतर ढंग से चल सकेगा और रोजगार को मजबूती मिलेगी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे जीवन स्तर में सुधार आया है। हालांकि, पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के निर्माण के लिए पर्याप्त मिट्टी न मिल पाने से काम प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि चाक और प्रशिक्षण के साथ यदि मिट्टी की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाए तो स्वरोजगार को नई गति मिल सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित एक युवा ने कहा कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल है। योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलने से उसने अपना काम शुरू किया और अब स्वयं के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार देने का प्रयास कर रहा है। उसका कहना था कि ऐसे प्रयास युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की ओर प्रेरित करते हैं।