गोंडा में ग्राम पंचायत सचिवालयों से प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही पर जिला पंचायत राज विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद की 761 ग्राम पंचायतों में अभी तक प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने चेतावनी दी है कि मई 2026 तक लक्ष्य पूरा न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया जाएगा। डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत भवनों से कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालन के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। पंचायत सहायक या बीएलई के माध्यम से जन्म, मृत्यु, आय, निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी किए जाने हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रति माह कम से कम 100 प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 8 मई तक की समीक्षा में स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। जनपद की कुल 1192 ग्राम पंचायतों में से केवल 431 पंचायतों ने ही प्रमाण पत्र जारी किए हैं। डीपीआरओ ने कहा कि लक्ष्य पूरा न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का मई 2026 का वेतन अवरुद्ध किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित सचिव की होगी। पंचायत सहायकों की डिजिटल उपस्थिति कम मिलने पर भी जिला पंचायत राज विभाग ने सख्ती दिखाई है। जनपद की औसत डिजिटल उपस्थिति 39.81 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि प्रदेश का औसत 51.35 प्रतिशत है। समीक्षा में परसपुर, झंझरी, इटियाथोक, कर्नलगंज, कटरा बाजार और तरबगंज ब्लॉक में उपस्थिति बेहद कम मिली। सबसे कम उपस्थिति वाले सहायक विकास अधिकारियों का मई 2026 का वेतन रोक दिया गया है। उन्हें 25 मई तक 80 प्रतिशत डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित कराने का लक्ष्य दिया गया है।