यूपी के गोंडा में वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले मंच से गोंडा को “नकल की मंडी” कहकर संबोधित किया था। इस टिप्पणी के बाद से ही जिले को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया। परीक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाने लगी। 09 साल बीत जाने के बावजूद गोंडा आज भी संवेदनशील जिलों की सूची में शामिल है। इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर जारी 18 संवेदनशील जिलों की सूची में गोंडा का नाम बरकरार है। आगामी 18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसमें जिले के 151 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 95,000 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। नकल पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए इस बार प्रशासन ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। सभी केंद्रों पर एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधि का तुरंत आकलन कर सीधे कंट्रोल रूम को सूचना देंगे। इसके अलावा अन्य हाईटेक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर नकल की गुंजाइश न रहे। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने कहा कि इस बार का लक्ष्य सिर्फ नकल रोकना नहीं, बल्कि “नकल की मंडी” के दाग को पूरी तरह मिटाना है। इसके लिए सचल दस्तों की निगरानी, डिजिटल मॉनिटरिंग और केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के साथ समन्वय को और मजबूत किया गया है।