सभ्यता के ध्वजवाहक स्वामी विवेकानंद की जयंती रविवार को मनाई गई। विवेकानंद काॅलोनी स्थित विवेकानंद पार्क में माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार पुनः प्रासंगिक हो उठे हैं। उनके विचार कल भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं। जब इस देश में जातिवाद और सांप्रदायिकता चरम सीमा पर हैं, ऐसे दौर में स्वामी विवेकानंद के रास्ते पर चलकर ही देश में और सुख-शांति स्थापित की जा सकती है। वह प्रखर राष्ट्रवादी थे।