लावारिसों लोगों का इलाज, रक्तदान और लावारिस शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके धर्म के मुताबिक शव दाह कराने वाले कुंवर विरेंद्र सिंह को मेडिकल अस्पताल में किसी भी कार्य के लिए जाने से काॅलेज प्राचार्य द्वारा प्रतिबंधित करने से गहरा आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित सामाजिक कार्यकर्ताओं, सरकारी कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने सरजू पांडेय पार्क में खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्राचार्य पर तुगलकी तानाशाही फरमान का आरोप लगाते नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जहां डीएम को पत्रक सौंप कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कुंवर विरेंद्र सिंह अचेत हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।