निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य को लेकर आयुक्त, वाराणसी मंडल एवं रोल प्रेक्षक एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में बुधवार को जिला रायफल क्लब सभागार, कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक हुई। जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में रोल प्रेक्षक ने निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि 27 अक्टूबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच प्राप्त आवेदनों को रोल बैक कराकर अनुलग्नक-4 पर घोषणा पत्र लेकर निस्तारित किया जाए। जनप्रतिनिधियों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की गईं। कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी स्तर पर नियमित बैठकों से समस्याओं का समाधान हुआ है। नो-मैपिंग मामलों की समीक्षा में सैदपुर और मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 70 प्रतिशत प्रकरणों में वर्ष 2003 से संबंधित दस्तावेजों की अनुपलब्धता की जानकारी दी गई। इस पर मतदाताओं की सुविधा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रवार सुनवाई रोस्टर जारी कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। बीमार या असमर्थ मतदाताओं को अधिकृत प्रतिनिधि भेजने की अनुमति भी दी गई। बीजेपी प्रतिनिधि द्वारा बीएलओ पर घर-घर नोटिस वितरण न करने का आरोप लगाया गया, जिस पर अधिकारियों ने फोटो अपलोड के माध्यम से नोटिस तामील की जानकारी दी। रोल प्रेक्षक ने निर्देश दिया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर नोटिस वितरण सुनिश्चित कराया जाए। रोल प्रेक्षक ने निर्देश दिए कि विशिष्ट व गणमान्य व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से न हटें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही 18 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी पात्र मतदाताओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण, महिला मतदाताओं के पंजीकरण से जेंडर रेशियो बढ़ाने तथा अंतिम सूची में किसी भी पात्र मतदाता के वंचित न रहने को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी सहित सभी संबंधित उप जिलाधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।