नगर पालिका की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों और हर माह सफाई करीब 25 लाख रुपये से अधिक व्यय करने के बाद भी नगर में कूड़ा उठान की स्थिति दयनीय बनी हुई है। खासकर नगर की करीब 90 से अधिक गलियों में तो कूड़ा उठाने में किसी की दिलचस्पी ही नहीं रहती है, जिसके चलते कही शाम को तो कही अगले कूड़ा का उठान होता है। इतना ही नहीं वार्ड नंबर 24 के लोगों को तो चंदा लगा कर कूड़ा का उठना कराना पड़ा है। वार्ड नं. 14 व 18 व 25 के वासियों का आरोप है कि कहीं शाम तो कहीं अगले दिन कूड़ा का उठान किया जाता है, जबकि नपा प्रशासन 25 वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का दावा करती है और इसके लिए करीब 337 सफाई कर्मियों के अलावा 25 सुपरवाइजरों की तैनाती कर रखी है। इतना ही नहीं कूड़ा उठाने और उसे शहर से बाहर ले जाने के लिए छोटे-बड़े 32 वाहन लगाए गए है। इनमें दो डंपर, दो लोडर, तीन जेसीबी और आठ ट्रैक्टर के अलावा शेष छोटे वाहन शामिल है।