आगरा के खंदौली क्षेत्र के गांव गिजौली में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर मंगलवार को गिजौली जाने वाले प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने एक दिन पहले ही नजरबंद कर दिया। सपा नेताओं को नजरबंद किए जाने के बाद मंगलवार को कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नारेबाजी की। यह प्रतिनिधिमंडल घटना की रिपोर्ट तैयार करके पार्टी हाईकमान को सौंपने वाला था। इस मामले को लेकर सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के नेतृत्व में मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल को गिजौली जाना था। इस प्रतिनिधिमंडल में शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा, पूर्व विधायक अजीम भाई के अलावा अन्य सपा नेता शामिल थे। पुलिस ने सोमवार रात को ही शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा और पूर्व विधायक अजीम भाई को नजरबंद कर दिया। उनके आवासों पर भारी पुलिस बल का पहरा बिठा दिया गया। मंगलवार तड़के जब कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इसकी जानकारी हुई तो वे भी नेताओं के आवास पर पहुंचने लगे। इसके बाद पूर्व विधायक अजीम भाई और उनके समर्थकों को पुलिस ने थाना रामगढ़ पर बैठा लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।