मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत "भगवान रामचंद्र की जय", "पवनसुत हनुमान की जय", "वृंदावन बिहारी लाल की जय" और "भारत माता की जय" के जयघोष के साथ की। उन्होंने कहा कि आज इटावा के नाम से न तो भय जुड़ा है और न ही यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट है। जो सम्मान प्रदेश के अन्य जनपदों के लोगों को मिलता है, वही सम्मान आज इटावा के लोगों को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इटावा की पहचान संकट में थी। यहां से जीतने वाले लोगों ने जनपद की छवि को नुकसान पहुंचाया। हालत यह थी कि इटावा के नाम पर लोगों को होटल में कमरा तक नहीं मिलता था और निवेशक यहां आने से कतराते थे। लोग कहते थे कि जब व्यक्ति खुद सुरक्षित नहीं है तो उसकी पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी।