एटा के अलीगंज क्षेत्र में फतेहपुर गांव और नए गांव में चावल से भरे ट्रकों के पकड़े जाने के मामलों में प्रशासन ने जांच पूरी कर ली है। दोनों मामलों में चावल को लेकर संदेह जताया गया था कि कहीं यह आंगनबाड़ी या किसी सरकारी योजना का तो नहीं है। संदेह के आधार पर अधिकारियों ने ट्रकों को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की थी। पहला मामला फतेहपुर गांव का है, जहां आंगनबाड़ी का चावल आने की सूचना पर एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता के निर्देश पर नायब तहसीलदार और एआरओ को मौके पर भेजा गया। यहां से चावल से भरे दो ट्रक बरामद कर अलीगंज लाया गया। वाहन मालिक को भी जांच के लिए बुलाया गया। विस्तृत पड़ताल में यह पाया गया कि ट्रकों पर लदा चावल बिहार से आया था तथा उसके सभी वैध दस्तावेज, बिल्टी आदि मौजूद थे। चावल का किसी भी सरकारी योजना से संबंध न मिलने पर दोनों ट्रक छोड़ दिए गए। इसी तरह कुछ दिन पूर्व नए गांव में भी चावल से भरा एक ट्रक पकड़ा गया था। इस मामले की जांच डीएसओ द्वारा की गई। जांच में चावल के बोरों पर न तो सप्लाई विभाग की कटिंग मिली और न ही यूनिक सिलाई, साथ ही प्रथम दृष्टया क्वालिटी भी सरकारी चावल से मेल नहीं खा रही थी। संदेह की स्थिति में ट्रक को गांव में ही 10–15 दिन तक खड़ा रखा गया। बाद में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन में सबकुछ सही मिलने पर इस ट्रक को भी मुक्त कर दिया गया।