एटा के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी राजमिस्त्री की मौत के बाद शनिवार को उनका शव अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की टीम ले गई। उन्होंने वर्ष 2017 में 21 दिसंबर को देहदान का पंजीकरण कराया था। प्रेरित होकर उनके पुत्र ने भी देहदान का संकल्प लिया है। अंबेडकर नगर निवासी केपी मौैर्य ने बताया कि पिता भूपत सिंह (85) राजमिस्त्री थे। उनका कहना था कि भगवान ने जो जीवन दिया है उसका सदुपयोग करें। जीवन के बाद शरीर को दान करने से मेडिकल छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में देहदान के लिए पंजीकरण कराया। शनिवार को घर पर ही बीमारी से तबीयत बिगड़ गई। शव को परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। यहां चिकित्सक ने भूपत सिंह को मृत घोषित कर अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की टीम को सूचना दी। जानकारी पाकर सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी मौके पर आ गए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार देहदान या अन्य अंग दान करने के इच्छुक लोगों को अभियान चलाकर जागरूक करना चाहिए ताकि लोगों के अंदर जागरूकता आ सके। मृतक के बड़े बेटे कृपाल सिंह ने बताया कि छोटे भाई केपी मौर्य ने भी पिता से प्रेरित होकर देहदान का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि पिता से ही प्रेरणा लेकर हमने भी शरीर को दान करने का पंजीकरण कराया है।