चंदौली लोकसभा क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र सिंह ने संसद में शुक्रवार को सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रही है। सांसद ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि किसानों के साथ पहले दमनात्मक रवैया अपनाया गया और अब बिना पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगाकर प्रीपेड बिजली व्यवस्था थोप दी गई है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग मनमाने तरीके से बकाया दिखाकर किसानों के घरों और नलकूपों की बिजली काट रहा है, जो गरीब किसानों के शोषण का नया माध्यम बनता जा रहा है। वीरेंद्र सिंह ने सदन में स्पष्ट किया कि किसानों की आय नियमित नहीं होती। वे साल में मुख्यतः रबी और खरीफ फसलों की बिक्री के समय ही आमदनी प्राप्त करते हैं, ऐसे में हर महीने प्रीपेड बिजली भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह अव्यावहारिक है। चंदौली क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान इस नई व्यवस्था से प्रभावित हैं और बिना सूचना के बिजली कटौती से खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सांसद ने सरकार से मांग की कि इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए, किसानों के लिए लचीली और न्यायसंगत बिजली भुगतान प्रणाली लागू की जाए तथा बिजली विभाग की मनमानी पर सख्त कार्रवाई हो। अंत में उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रखेंगे।