केंद्र सरकार की ओर से 29 श्रम कानून सहित 44 कानून को रद्द कर चार लेबर कोड लागू किए जाने के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल की। इस दौरान जगह जगह जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल में ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज यूनियन और ईसीआरकेयू ने भी समर्थन किया और गेट मीटिंग कर शासन के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह बंदी का बैंकों के काम काज पर भी कुछ असर पड़ा। ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारी की गई थी। रेल यूनियनों की हड़ताल की सूचना पर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर आरपीएफने सुरक्षा कड़ी कर दी। दूसरी तरफ पीडीडीयू नगर के यूनियन बैंक में बृहस्पतिवार की सुबह काम काज बाधित रहा। हालांकि अग्र्रणि जिला प्रबंधक सुनील कुमार भगत ने बताया कि हड़ताल का बैंकों के काम काज पर असर नहीं पड़ा है। दूसरी तरफ ट्रेड यूनियन के हड़ताल के समर्थन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन ने प्लांट डिपो कारखाना के गेट पर केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए खूब नारेबाजी की। इस दौरान नए लेबर कोड की वापसी, निजीकरण खत्म करने, पुरानी पेंशन की बहाली सहित अन्य मुद्दों पर आवाज बुलंद की। यूनियन की सहायक महासचिव किरन कुमारी ने कहा कि चार लेबर कोड मजदूरों पऱ थोपा गया एक काला क़ानून हैं। इसका हमलोग लगातार पुरजोर विरोध कर रहे हैं। आईआरईएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और केंद्रीय संगठन सचिव एसके शर्मा ने कहा की अब रेलवे कर्मचारी मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी तरह से एकजुट हो गए हैं। पेंशन योजना, निजीकरण / निगमीकरण, नई श्रम नीति का विरोध देश व्यापी हो रहा हैं। इस दौरान चंद्रिका यादव, सीमा कुमारी, प्रभात कुमार, मृत्युंजय कुमार, सत्यानंद प्रसाद, प्रतीश कुमार, मुकेश कुमार, शिवांगी कुमारी, श्रीकांत सिंह, आशीष कुमार, विरेंद्र आदि रहे। इसी तरह ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईसीआरकेयू की ओर से प्लांट डिपो कारखाना के कैंटीन में गेट मिटिंग किया गया। इसमें श्रम कानून को सीमित कर मजदूरों के अधिकारों में कटौती का विरोध किया गया। अध्यक्षता करते हुए शाखा के कार्यकारणी अध्यक्ष रामजी यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हित के लिए वो किसी भी लड़ाई में लड़ने के लिए तैयार है। इस मौके पर सुल्तान अहमद, शंकर राम, करमजीत प्रसाद, राजेश कुमार निषाद आदि उपस्थित रहे।