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रेवसा की आवाज को पूरे प्रदेश में उठाएगा छात्र संगठन आइसा, किया प्रदर्शन

चंदौली के नियामताबाद विकासखंड के रेवसा बस्ती को उजाड़ने के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरना को समर्थन देने के लिए मंगलवार को छात्र संगठन आइसा और भाकपा (माले) ने जोरदार प्रतिवाद सभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कामरेड मनीष कुमार ने कहा कि हम छात्र उन्हीं घरों से हैं जिन्हें बिना उचित मुआवजा दिए उजाड़ा जा रहा है। यह सिर्फ जमीन की नहीं, संविधान और सम्मान की लड़ाई है। मनीष कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि रेवसा की लड़ाई अब सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप लेगी। उन्होंने कहा कि जैसे सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग से लेकर पूरे देश में आंदोलन हुए, वैसे ही जमीन और घर के सवाल पर यह सत्ता झुकने को मजबूर होगी। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य स्थायी समिति सदस्य एवं चंदौली जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने उपजिलाधिकारी पर आरोप लगाया कि जनता की मांगों को शासन तक पहुंचाने की बजाय वे धमकी भरा रवैया अपना रहे हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया तो आंदोलन तेज करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रतिरोध सभा में कई जन संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और रेवसा बस्तीवासियों के संघर्ष को समर्थन देने का ऐलान किया। भाकपा (माले) के राज्य समिति सदस्य कामरेड शशिकांत सिंह, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड ठाकुर प्रसाद, किसान महासभा के जिला अध्यक्ष श्रवण मौर्य, एपवा की जिला उपाध्यक्ष जीरा देवी, भीम आर्मी के पूर्व अध्यक्ष शैलेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अमित यादव, अमीना कुमारी, पूजा कुमारी, अविनाश लखन, छात्र नेता आशीष, सम्मी सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।

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